योगा कैंप की आड़ में PFI चलाता था भोले-भाले मुस्लिमों को हत्यारा बनाने की फैक्ट्री, NIA की चार्जशीट में दावा
योगा कैंप की आड़ में PFI चलाता था भोले-भाले मुस्लिमों को हत्यारा बनाने की फैक्ट्री, NIA की चार्जशीट में दावा
इन आरोपियों के खिलाफ आरोपपत्र हैदराबाद में एनआईए की विशेष अदालत के समक्ष दायर किया गया। जांच एजेंसी के प्रवक्ता ने बताया कि इन आरोपियों में 10 तेलंगाना से और एक आंध्र प्रदेश से है।राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने प्रतिबंधित पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (PFI) के लिए टेरर ट्रेनिंग कैंप आयोजित करने के आरोप में 11 लोगों के खिलाफ आरोपपत्र दायर किया है। इसमें कहा गया है कि पीएफआई में युवाओं की भर्ती के लिए इन कैंप्स का आयोजन तेलंगाना में हुआ। आरोपियों के खिलाफ आरोपपत्र गुरुवार को हैदराबाद में एनआईए की विशेष अदालत के समक्ष दायर किया गया। जांच एजेंसी के प्रवक्ता ने बताया कि इन आरोपियों में 10 तेलंगाना से और आंध्र प्रदेश से है।
यह मामला शुरू में 4 जुलाई को तेलंगाना के निजामाबाद । जल छह-टाउन पुलिस थाने में दर्ज किया गया था और बाद में 26 अगस्त को एनआईए की ओर से फिर से दर्ज किया गया था। प्रवक्ता ने कहा, ‘जांच से पता चला है कि आरोपी सीधे- साधे मुस्लिम युवाओं को कट्टरपंथी बना रहे थे। ये उन्हें भारत सरकार के साथ-साथ अन्य संगठनों और व्यक्तियों के खिलाफ नफरत व उकसावे वाले भाषणों के जरिए पीएफआई में भर्ती कर रहे थे।’
‘शरीर के नाजुक अंगों पर हमला करने की ट्रेनिंग’ NIA अधिकारी ने कहा, ‘पीएफआई में भर्ती होने के बाद मुस्लिम युवाओं को योग कक्षाओं और फिजिकल एजुकेशन की आड़ में ट्रेनिंग कैंप्स में भेजा जाता था। शुरुआती पाठ्यक्रम में उन्हें चीजों (चाकू, दरांती और लोहे की छड़) के उपयोग में ट्रेन किया जाता था ताकि किसी व्यक्ति को गले, पेट और सिर जैसे शरीर के नाजुक अंगों पर हमला करके उसे मारा जा सके व आतंकवादी कृत्यों को अंजाम दिया जा सके।’
इन 11 लोगों के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल अधिकारी ने बताया कि तेलंगाना के अब्दुल खादर, अब्दुल अहद, अब्दुल सलीम, शेख शादुल्ला, फिरोज खान, मोहम्मद उस्मान, सैयद याहिया समीर, शेख इमरान उर्फ इमरान कुरैशी, मोहम्मद अब्दुल मुबीन और मोहम्मद इरफान के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया गया है। वहीं, आंध्र प्रदेश के शेख इलियास अहमद के खिलाफ चार्जशीट दायर हुई है। इन सभी के खिलाफ भारतीय दंड संहिता और गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत आरोपपत्र दाखिल हुआ है।
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