दलाई लामा के खिलाफ चीन के खौफनाक षड़यंत्र का खुलासा, चीन की नाकाम कोशिशें, चीनी महिला हिरासत में !
दलाई लामा के खिलाफ चीन के खौफनाक षड़यंत्र का खुलासा, चीन की नाकाम कोशिशें, चीनी महिला हिरासत में !
भारत के खिलाफ चीन घुसपैठ की कई नाकाम कोशिशें कर चुका है. अपने नापाक मकसद में नाकाम होने के बाद अब चीन की नई साजिश का खुलासा हुआ है. सुरक्षा एजेंसियों का दावा है कि चीन ने तिब्बती धर्मगुरु दलाई लामा की जासूसी के लिए एक महिला को भेजा है, जो इन दिनों हिंदुस्तान में है. आशंका थी कि ये महिला श्रद्धालुओं के बीच रहकर दलाई लामा की जासूसी कर सकती है. मगर इससे पहले ही बिहार पुलिस ने उस महिला को हिरासत में ले लिया है. इससे पहले पुलिस ने उस महिला का स्केच भी जारी किया था. संदिग्ध चीनी महिला हिरासत में
बिहार पुलिस ने जिस संदिग्ध महिला का स्केच जारी किया था, वो कानून के शिकंजे में आ गई. बोधगया पुलिस ने उस संदिग्ध चीनी जासूस महिला को बोधगया के कालचक्र ग्राउंड के बाहर से हिरासत में लिया है. उसी जगह पर दलाई लामा हर रोजाना प्रवचन देने आते हैं. बिहार पुलिस के मुताबिक, संदिग्ध चीनी महिला का नाम सॉन्ग शियाओलन (Song Xiaolan) है.
पहले भी भारत आई थी संदिग्ध महिला
सूत्रों का कहना है कि चीनी महिला 2019 में भी भारत आई थी. लेकिन बाद में वह चीन लौट गई थी. इसके बाद वह दोबारा भारत आई और फिर नेपाल चली गईं. वह नेपाल में कुछ दिन बिताने के बाद बोधगाय पहुंची थी. गया सिटी पुलिस के एसपी अशोक प्रसाद अब संदिग्ध महिला से पूछताछ कर रहे हैं. इस महिला को लेकर पहले ही अलर्ट जारी किया गया था.
पुलिस ने जारी किया था स्केच
इस साजिश के पीछे जिस महिला को लेकर खुलासा हुआ है, उसका चेहरा बिहार पुलिस ने पोस्टर की शक्ल में जारी किया था. बिहार पुलिस के मुताबिक दलाई लामा को नुकसान पहुंचाने वाली जिस महिला की तलाश सिक्योरिटी एजेंसियों की थी, उसका स्केच जारी किया गया था. पुलिस ने इस स्केच के हवाले से हाई अलर्ट जारी किया था कि ये महिला श्रद्धालुओं की भीड़ में दलाई लामा के आस-पास पहुंच सकती है.
बिहार पुलिस ऐसी किसी भी साजिश को लेकर हाई अलर्ट पर थी. पुलिस उस महिला की तलाश में थी. क्योंकि पुलिस को पूरी आशंका थी कि वो बिहार में मौजूद हो सकती है. देश की सुरक्षा एजेंसियों की नजर भी इस चाइनीज महिला पर थी. उसका ब्योरा भारत के रिकॉर्ड में कुछ ऐसा है.
चीन की नाकाम कोशिशें
पिछले दिनों भी चीन ने 15वें लामा का नाम घोषित करने की कोशिशें तेज कर दी थी, जिसके बाद इंडियन हिमालयन काउंसिल ऑफ नालंदा बुद्धिस्ट ट्रेडिशन ने प्रस्ताव पारित करके चीन की ऐसी कोशिशों को सिरे से खारिज किया था. लद्दाख बुद्धिस्ट एसोसिएशन ने भी साफ किया था कि दलाई लामा के बाद नये लामा न तो चीन के होंगे और न ही चीन के नियंत्रण वाले तिब्बत के इलाके से होंगे. नये लामा के बारे में आखिरी फैसला दलाई लामा ही करेंगे.
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