डॉक्टर के शादीशुदा होने की वजह से महिला डॉक्टर ने कि आत्महत्या. क्या लिखा था सुसाईड नोट मे. जानिए क्या है पुरा मामला!

राजस्थान के जोधपुर में एक महिला डॉक्टर ने आत्महत्या की खबरों ने सनसनी मचा दी है। खबरों के मुताबिक महिला डॉक्टर हॉस्पिटल के ही एक अन्य डॉक्टर से प्यार करती थी। डॉक्टर के शादीशुदा होने की वजह से दी जान। एनेस्थीसिया की ओवरडोज लगाकर हॉस्टेल की कमरे में मौत को गले लगाया।


' मेरी जिंदगी में कुछ नहीं बचा, जीने की कोई उम्मीद नहीं, सॉरी'... ये आखिरी शब्द हैं उस लड़की के जिसने जिंदगी को लेकर कई सपने देखे थे, आखिरी बार लिखे गए ये वो शब्द हैं, जो दिखाते हैं कि मौत से पहले कितने उधेड़बुन के बीच इस लड़की को मौत को चुना। आप सुनकर हैरान रह जाएंगे, ये शब्द उस लड़की ने लिखे जिसने सालों की कड़ी मेहनत की और डॉक्टर की डिग्री हासिल की, जिसे पाना न जाने कितनों का सपना होता है लेकिन चंद शब्दों के बाद ही इस लड़की ने मौत को गले लगा लिया। आखिर क्या वजह थी जो एक हंसती खेलती लड़की ने अपनी जान दे दी। कौन है ये डॉक्टर जिसने ऐसे शब्द लिखे और मौत से पहले इसने किससे क्यों माफी मांगी?

रेजिडेंट डॉक्टर ने दी जान
रविवार का दिन राजस्थान के जोधपुर के मथुरादास हॉस्पिटल के लिए बेहद दर्दनाक था। शाम तक सबकुछ सामान्य था। इस अस्पताल के गर्ल्स हॉस्टल में चहल-पहल थी। हॉस्टल की लड़कियां अपनी नॉर्मल रुटीन को फॉलो कर रही थीं। इसी हॉस्टल में रहतीं थीं अस्पताल की रेजिडेंट डॉक्टर सोनाली विजय। 29 साल की सोनाली अपने कमरे में थीं। तभी उनकी दोस्तों ने दरवाजा खटखटाया लेकिन सोनाली ने दरवाजा नहीं खोला। सोनाली को बाहर बुलाने के लिए उनकी दूसरी फ्रेंड्स ने उन्हें फोन किया, लेकिन सोनाली ने फोन का जवाब भी नहीं दिया। काफी देर तक प्रयास करने के बाद भी जब सोनाली ने दरवाजा नहीं खोला तो दरवाजे के कुंडे को तोड़ दिया गया।


एनेस्थीसिया की ओवरडोज
दरवाजा खुलने के बाद जो सामने सीन था, उसे देखकर लड़कियों के होश उड़ गए। कमरे में सोनाली बेसुधध पड़ी थी। सोनाली के पास ही एनेस्थीसिया के इजेक्शन पड़े हुए थे। सोनाली को तुरंत अस्पताल ले जाया गया लेकिन तब तक सोनाली की जान जा चुकी थी। माना जा रहा है कि एनस्थीसिया की ओवरडोज लेकर सोनाली ने अपनी जान दे दी। अस्पताल की रेजिडेंट डॉक्टर आत्महत्या कर चुकी थी। जैसे ही ये खबर फैली अस्पताल में हड़कंप मच गया। सोनाली के परिवार वालों को पूरी सूचना दी गई।

सुसाइड नोट में परिवार से मांगी माफी
सोनाली के पास से एक सुसाइड नोट भी बरामद हुआ जिसपर लिखा था- 'मेरी ज़िंदगी में कुछ नहीं बचा, जीने की कोई उम्मीद नहीं, सॉरी'।आप सोच रहे होंगे कि आखिर क्यों एक डॉक्टर ने मौत को गले लगाया? चलिए आपको बताते हैं सोनाली की आखिरी शब्दों की पूरी हकीकत। दरअसल सोनाली ने ये शब्द अपने परिवार के लिए लिखे हैं, जिनसे वो बेहद प्यार करती थी लेकिन पिछले कुछ दिनों में सोनाली की ज़िंदगी में ऐसा भूचाल आया कि वो खुद को संभाल नहीं पाईं। सोनाली कमजोर पड़ गई और अपनी ज़िदगी को खत्म करने जैसा खतरनाक रास्ता चुन लिया।

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